प्रसव पीड़ा के समय ये गलतियाँ ना करे prasv pida ke Samay ye galtiya na kare

प्रसव पीड़ा के समय ये गलतियाँ ना करे


प्रसव का दर्द बहुत ज्यादा तकलीफ़देह होता है ऐसा माना जाता है कि मानव शरीर में 45 डेल का दर्द सहने की क्षमता होती है (डेल दर्द मापन की इकाई है ) जबकि प्रसव के समय 57 डेल का दर्द होता है जोकि 20 हड्डियाँ एक साथ टूटने के बराबर होता है वैसे तो प्रसव दर्द बहुत असहनीय होता है

परन्तु यदि आप ये गलतियाँ करेगी तो और भी ज्यादा असहनीय हो जायेगा

1.ज्यादातर महिलाएं प्रसव पीड़ा के समय पीठ के बल सोती है जो कि गलत है पीठ के बल सोने से शरीर का बल शिशु को नीचे पुश करने के बजाय पीठ पर लग जाता है जिससे प्रसव पीड़ा और अधिक बढ़ जाती है इसलिए करवट लेकर सोये
2. प्रसव के समय महिलाये साँस को रोक लेती या ऊपर की ओर खिचती है जोकि गलत है क्योकि इससे शिशु नीचे के बजाय ऊपर की और आने लगता है इसलिए इस समय महिला लम्बी-लम्बी व गहरी सांसे लेनी चाहिए जिससे शिशु को नीचे की और जाने में मदद मिलेगी
3. प्रसव का दर्द इतना तकलीफ़देह होता है कि इस समय महिलाये महिलाये खाना-पीना छोड़ देती है परन्तु आप ऐसा ना करे क्योकि हो सकता है कि प्रसव पीड़ा लम्बी भी चल सकती है  इसलिए थोड़ी हिम्मत करके कुछ ना कुछ खाती-पीती रहे जिससे आपको एनर्जी मिलेगी और प्रसव आसान हो पायेगा
4. प्रसव पीड़ा के समय महिलाये सबसे बड़ी गलती यह करती है कि या वे लेटी या बैठी रहती है ऐसा करने से आपका शिशु गर्भ में और ज्यादा सिकुड़ जायेगा जिससे प्रसव पीड़ा लम्बी चल सकती है इसलिए आप बैठेने व लेटने के बजाय चलती-फिरती रहे है
5. ज्यादातर महिलाये प्रसव पीड़ा के दर्द से पहले ही डर जाती है जिससे आपका शरीर शिशु को नीचे की तरफ पुश नहीं कर पाता है और प्रसव पीड़ा और अधिक बढ़ जाती है इसलिए आप इस समय बिलकुल भी ना डरे और हिम्मत से दर्द का सामना करे क्योकि कुछ ही देर में आपका शिशु आपकी गोद में होगा

prasv pida ke Samay ye galtiya na kare

prasv Ka dard bahut Jyada tkalipdeh Hota hai Aesa mana jata hai ki manav sharir me 45 del Ka dard sahne ki kshamata hoti hai (del dard mapan ki iKai hai ) jabki prasv ke Samay 57 del Ka dard Hota hai joki 20 haddiyan ek Saath totane ke barabar Hota hai vaise to prasv dard bahut ashoneyy Hota hai

parntu Yadi aap ye galtiyan karegi to aur bhi Jyada ashoneyy ho jayega

1.Jyadatar mahilaen prasv pida ke Samay pith ke bal soti hai jo ki galt hai pith ke bal sone se sharir Ka bal shishu ko niche push karne ke bajay pith par lag jata hai Jisse prasv pida aur adhik bdh jati hai islea karvat lekar soye
2. prasv ke Samay mahilaye sans ko rok leti ya upar ki or khaichati hai joki galt hai kyoki Isse shishu niche ke bajay upar ki aur aane lgata hai islea is Samay mahila lambi-lambi v gahri sanse leni chahiey Jisse shishu ko niche ki aur jane me help milegi
3. prasv Ka dard itana tkalipdeh Hota hai ki is Samay mahilaye mahilaye Khana-pina chhod deti hai parntu aap Aesa na kare kyoki ho skata hai ki prasv pida lambi bhi chal Sakti hai islea thodi himmat karke kuch na kuch khati-piti rahe Jisse Aapko enarji milegi aur prasv aasan ho paayega
4. prasv pida ke Samay mahilaye Sabse badi galti Yah karti hai ki ya ve leti ya baithi rahti hai Aesa karne se aapKa shishu garbh me aur Jyada sikud jayega Jisse prasv pida lambi chal Sakti hai islea aap baithene v letane ke bajay chalti-Phirti rahe hai
5. Jyadatar mahilaye prasv pida ke dard se Pehle hi dar jati hai Jisse aapKa sharir shishu ko niche ki tarf push nahin kar paata hai aur prasv pida aur adhik bdh jati hai islea aap is Samay bilakul bhi na dare aur himmat se dard Ka samana kare kyoki kuch hi der me aapKa shishu Aapki god me Hoga

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